रमेश अभिषेक ने कहा कि एफडीआई डेटा से पता चलता है कि सरकार ने ऐसा माहौल बनाया है, जिसमें विदेशी निवेशक अपने निवेश को सुरक्षित समझ रहे हैं. आम आदमी और कारोबार की सुविधा के लिए काफी कोशिशें की जा रही हैं. जीवन स्तर बेहतर करने और गरीबी मिटाने के लिए हमें लगभग 30 सालों तक 10 फीसदी की विकास दर चाहिए, लेकिन इसके लिए निवेश और दूसरे मोर्चे पर काफी मेहनत करनी होगी.
देश में रिकार्ड विदेशी निवेश आने का सिलसिला लगातार जारी है. कारोबारी साल 2011-12 में देश में 46.55 अरब डॉलर का विदेशी निवेश आया था. वहीं 2014-15 में 44.29 अरब डॉलर का विदेशी निवेश आया था. इसके अलावा जनवरी 2016 में 12 महीने के ‘मूविंग एवरेज’ आधार पर देश में आया एफडीआई अब तक के रिकार्ड 3 अरब डॉलर पर पहुंच गया था.
डीआईपीपी सचिव रमेश अभिषेक ने कहा कि देश के एक उचित कारोबारी माहौल के लिए कारोबार सुगमता जरूरी है और सरकार इसको सुधारने के लिए काफी कोशिशें कर रही है.