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अब मोबाइल में रखें आधार कार्ड, एप से हुआ काम आसान

अब मोबाइल में रखें आधार कार्ड, एप से हुआ काम आसान

नई दिल्लीः आधार कार्ड एक ऐसा सरकारी डॉक्यूमेंट बन गया है जिसकी जरूरत गाहे बगाहे हर इंसान को पड़ती ही रहती है. हालांकि आधार कार्ड का बड़ा साइज इसे हर जगह साथ रखने में बड़ी दिक्कत बना हुआ है. इसी दिक्कत को दूर करने के लिए यूआईडीएआई (यूनीक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड) ने आधार का एप लॉन्च कर दिया है. इस एप के जरिए आप अपने आधार कार्ड को अपने मोबाइल फोन में रख पाएंगे. एप के जरिए आधार की डिटेल्स को अपने मोबाइल फोन में सुरक्षित रख पाएंगे.

कैसें पाएं अपने फोन में आधार कार्ड
इसके लिए अपने स्मार्टफोन से गूगल प्ले स्टोर जाएं और आधार मोबाइल (aadhar mobile) टाइप करें. इसके बाद एप के सर्च में आ जाने के बाद इस अपने फोन में इंस्टॉल कर लें. एप इंस्टॉल होते ही इसमें अपने आधार नंबर, नाम और पिन कोड की जानकारी फीड कर दें. ये सूचना भरने के बाद आधार एप की तरफ से एक मैसेज आधार सर्वर पर भेजा जाएगा और जैसे ही वहां से आपकी डिटेल्स वैरीफाइड हो जाएंगी आपकी फोटो के सहित आपकी सारी जानकारी एप पर दिखाई देने लगेंगी. आप इस एप के जरिए आप ब्ल्यूटूथ और व्हाट्सएप्प के जरिए शेयर भी कर सकते हैं.

अब सवाल ये उठता है कि आधार एप से आपको फायदे क्या होंगे तो ये जान लें कि इस एप के होने से बैंक आसानी से आधार कार्ड का ऑनलाइन वैरिफिकेशन कर पाएंगे और आपका केवाईसी भी अपडेटेड रहेगा. इससे आपको बैंक में खाता खुलवाना हो या बीमा, म्युचुअल फंड में निवेश करना हो, सभी काम आसानी से हो जाएंगे. आपको हर जगह आधार कार्ड लेकर जाने की जरूरत नहीं है. इतना ही नहीं अगर वोट डालने के लिए जा रहे हैं तो फोन में आधार कार्ड को दिखाएं और आसानी से वोटिंग कर लें. सरकारी सूत्रों के मुताबिक अब तक देश में 99 करोड़ आधार कार्ड जारी कर चुके हैं तो इस एप के भी पॉपुलर होने के पूरे आसार हैं.
सावधानः स्मार्ट आधार कार्ड बनवाने के झांसे में ना आएं

सावधानः स्मार्ट आधार कार्ड बनवाने के झांसे में ना आएं

नई दिल्ली: भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने लोगों को ऐसी अवैध कंपनियों के झांसे में आने के प्रति आगाह किया है जो ‘स्मार्ट कार्ड’ के नाम पर प्लास्टिक पर आधार कार्ड छापने के लिए 50 से 200 रुपये तक वसूल रहे हैं. यूआईडीएआई के महानिदेशक एवं मिशन निदेशक अजय भूषण पांडेय ने कहा कि आधार कार्ड या किसी सामान्य कागज पर डाउनलोड किया गया आधार कार्ड सभी उपयोगकर्ताओं के लिए पूरी तरह वैध है. अगर किसी व्यक्ति के पास एक कागजी आधार कार्ड है तो उसे अपने आधार कार्ड को लेमिनेट कराने या पैसे देकर स्मार्ट कार्ड प्राप्त करने की कोई आवश्यकता नहीं है. स्मार्ट आधार कार्ड जैसी कोई चीज ही नहीं है.

आधार कार्ड खोने पर आसानी से इसे आधिकारिक वेबसाइट से बिना किसी फीस के डाउनलोड किया जा सकता है. डाउनलोड किये गये आधार का प्रिंट आउट भले ही वह ब्लैक एंड व्हाइट रूप में क्यों न हों, उतना ही वैध है, जितना यूआईडीएआई द्वारा भेजा गया ओरिजनल आधार कार्ड. इसे प्लास्टिक कार्ड पर प्रिंट करने या लेमिनेट करने की कोई जरूरत नहीं है.

बयान में कहा गया है कि अगर कोई व्यक्ति फिर भी चाहता है कि उसका आधार कार्ड लेमिनेट किया जाए या प्लास्टिक कार्ड पर प्रिंट किया जाए, तो वह इसे केवल अधिकृत सेवा केन्द्रों पर या अनुशंसित दर, जो 30 रुपए से ज्यादा नहीं है की कीमत पर आधार के स्थायी नामांकन केन्द्रों पर ऐसा कर सकते हैं. लोगों को सलाह है कि अपनी गोपनीयता की सुरक्षा के लिए वे अपने आधार नंबर या व्यक्तिगत विवरणों को अवैध एजेंसियों के साथ इसे लेमिनेट कराने या प्लास्टिक कार्ड पर प्रिंट कराने के लिए साझा न करें.

बयान में ई-कॉमर्स कंपनियों से भी कहा गया है कि वे अपने लोगों को इस बात की अनुमति न दें कि वे आम लोगों से आधार कार्ड को प्रिंट करने या आधार कार्ड को अवैध रूप से छापने के लिए आधार की जानकारी इकट्ठा करें. ऐसा करना भारतीय दंड संहिता के तहत दंडनीय अपराध है.