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शादी के सीजन में महंगा हो रहा है सोना, गहने खरीदने है तो जल्दी कीजिए

शादी के सीजन में महंगा हो रहा है सोना, गहने खरीदने है तो जल्दी कीजिए

नई दिल्ली: शादी के सीजन में सोना खरीदने वालों के लिए काम की खबर है कि सोना महंगा हो रहा है. घरेलू मोर्चे पर ज्वैलर्स की लगातार खरीदारी के साथ विदेशों में मजबूती के रुख को देखते हुए दिल्ली के सर्राफा बाजार में आज सोने के भाव 50 रुपये की तेजी के साथ 30,300 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गये. इंडस्ट्रियल यूनिट्स और सिक्का निर्माताओं की मजबूत मांग के कारण चांदी की कीमत 260 रुपये के तेजी के साथ 41,850 रुपये प्रति किग्रा हो गयी. पिछले 3 कारोबारी सेशन में सोने में 675 रुपये की तेजी आई है. हालांकि गिन्नी की कीमत 23,300 रुपये प्रति 8 ग्राम के पहले के लेवल पर स्थिर बनी हुई है.

इसके अलावा चालू शादी-ब्याह के सीजन की मांग को पूरा करने के लिए गहने और रिटेल ज्वैलरी की खरीदारी से सोने की कीमतों में तेजी बढ़ी है. दिल्ली में सोना 99.9 और 99.5 फीसदी शुद्धता की कीमत 50-50 रुपये की तेजी के साथ क्रमश: 30,300 रुपये और 30,150 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुए.

बाजार सूत्रों ने कहा कि विदेशों में सोने में तेजी को देखते हुए घरेलू बाजार में इसके प्रति मूमेंटम मजबूत हुआ है. बैंक ऑफ जापान ने अपनी पॉलिसी में लिक्विडिटी बढ़ाने का सिलसिला रोक दिया है और उसके बाद से अमेरिकी डॉलर में गिरावट आई है और यह 11 महीने के निचले स्तर पर आ गया है. इन परिस्थितियों में निवेशक अब सोने को एक वैकल्पिक सुरक्षित ऐसेट के रूप में देख रहे हैं.

सामान्य तौर पर घरेलू मोर्चे पर कीमतों के रख को निर्धारित करने वाले बाजार न्यूयॉर्क में सोने का भाव 2.05 फीसदी की तेजी के साथ 1,292.40 डॉलर प्रति औंस हो गये जबकि चांदी के भाव 1.65 फीसदी की तेजी के साथ 17.82 डॉलर प्रति औंस हो गए हैं.

चांदी तैयार की कीमत भी 250 रुपये की तेजी के साथ 41,850 रुपये प्रति किलोग्राम और साप्ताहिक डिलीवरी की कीमत 130 रुपये की तेजी के साथ 41,565 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुए. चांदी के सिक्कों की कीमत भी 2,000 रुपये की तेजी के साथ 70,000 रपये और 71,000 रपये प्रति सैकड़ा पर बंद हुए.
ज्वैलर्स की हड़ताल खत्म, खुल गई दुकानें

ज्वैलर्स की हड़ताल खत्म, खुल गई दुकानें

नयी दिल्ली: देश के सर्राफा कारोबारियों ने अपनी 42 दिन से जारी हड़ताल अस्थायी रूप से वापस ले ली है. बजट में चांदी के अलावा और सभी तरह के गहनों पर 1 फीसदी की एक्साइज ड्यूटी के खिलाफ देशभर के सर्राफा कारोबारी हड़ताल पर चले गए थे. इस 42 दिन की हड़ताल में जेम्स और ज्वैलरी इंडस्ट्री को 1 लाख करोड़ रुपये का नुकसान होने का अनुमान है. करीब 300 संगठनों के 3 लाख से अधिक सर्राफा कारोबारी 2 मार्च से हड़ताल पर थे।

ज्वैलर्स एसोसिएशन ने मंगलवार को बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह और वित्त मंत्रालय के अधिकारियों से मुलाकात की थी और सरकार के आश्वासन कि उत्पाद शुल्क अधिकारी उन्हें किसी भी तरीके से परेशान नहीं करेंगे के बाद ज्वैलर्स ने 12 दिन के लिए अपनी हड़ताल वापस ले ली है. हालांकि ज्वैलर्स ने हड़ताल खत्म करने का फैसला कल यानी मंगलवार को ही ले लिया था लेकिन इसका औपचारिक ऐलान आज किया गया है.

अखिल भारतीय सर्राफा संघ के उपाध्यक्ष सुरिंदर कुमार जैन ने कहा, ‘‘हमने सरकार के आश्वासन के बाद अस्थायी रूप से 24 अप्रैल तक अपनी हड़ताल वापस ले ली है.’’ महाराष्ट्र राज्य सर्राफा स्वर्णकार फेडरेशन के अध्यक्ष फतेहचंद रंका ने बताया कि महाराष्ट्र के ज्वैलर्स ने भी 24 अप्रैल तक अपनी हड़ताल वापस ले ली है. राजस्थान सर्राफा संघ, जयपुर के अध्यक्ष सुभाष मित्तल ने कहा कि राजस्थान के जौहरियों, कारोबारियों तथा कारीगरों ने कल से अपनी दुकानें खोल दी हैं.

बुलियन एंड ज्वेलरी एसोसिएशन के अध्यक्ष राम अवतार वर्मा ने कहा कि यदि सरकार 1 फीसदी के उत्पाद शुल्क को वापस लेने की हमारी मांग को पूरा नहीं करती है, तो 25 अप्रैल से हम फिर हड़ताल पर चले जाएंगे. इस बीच, मेरठ के जौहरियों ने भी आज अपनी दुकानें खोल लीं.

सरकार ने जौहरियों की मांग पर विचार के लिए पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार अशोक लाहिड़ी की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया है। समिति अपनी रिपोर्ट 60 दिन में सौंपेगी.