लोन चुकाने को पैसे नहीं पर विजय माल्या की सैलरी सुनेंगे तो दंग रह जाएंगे

नई दिल्लीः  विजय माल्या के पास बैंकों का लोन चुकाने के लिए पैसे नहीं हैं लेकिन बैंकों का 9000 करोड़ रुपये से भी ज्यादा के लोन का डिफॉल्ट कर चुके विजय माल्या की सैलरी सुनेंगे तो हैरान रह जाएंगे. विजय माल्या को अमेरिकी कैलिफोर्निया की कंपनी मैंडोकिनो ब्रुइंग कंपनी से पिछले साल 1.7 करोड़ रुपये का सैलरी पैकेज मिला था, हैरानी की बात ये है कि मैंडोकिनो ब्रुइंग कंपनी (एमएनसी) खुद फंड्स की कमी से जूझ रही है और लोन का डिफॉल्ट भी कर चुकी है. साल 2015 में विजय माल्या को जितनी सैलरी मिली थी उसमें से लगभग आधा हिस्सा यही कंपनी दे रही है विजय माल्या इस कंपनी के बोर्ड ऑफ ड़ायरेक्टर्स में से एक हैं.

मैंडोकिनो ब्रुइंग कंपनी (एमबीसी) के पास कई बियर ब्रांड हैं और विजय माल्या के यूबी ग्रुप की होल्डिंग कंपनी युनाइटेड ब्रुअरीज इस कंपनी की मेजोरिटी शेयरधारक है. अमेरिकी मार्केट की रेगुलेटर यूएस सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन में दाखिल दस्तावेजों में एमबीसी ने बताया है कि साल 2015 में विजय माल्या को कुल 256,900 डॉलर सैलरी के रूप में मिले थे यानी 1.7 करोड़ रुपये दिए गए. इसके अलावा कंपनी विजय माल्या को हर साल 120,000 डॉलर चेयरमन के कामकाज के लिए दे रही हैं वहीं ब्रिटेन के बाहर कंपनी के उत्पादों के प्रमोशन के लिए 136,900 डॉलर अलग से दिए जा रहे हैं.

गौर करने की बात ये है कि एमबीसी खुद आर्थिक तौर पर कमजोर है और अपनी पेरेंट कंपनी से फंड के लिए गुजारिश कर चुकी है. इसके अलावा कंपनी पैसे जुटाने के लिए मर्जर और ऐसेट सेल जैसे विकल्पों पर भी विचार कर रही है.

विजय माल्या जो एक जमाने में लिकर किंग कहे जाते थे अपनी एयरलाइंस किंगफिशर एयरलाइंस के दिवालिया होने के बाद आर्थिक संकट में फंस गए. 9000 करोड़ रुपये से ज्यादा के कर्ज तले दबे विजय माल्या ने हाल ही में युनाइटेड स्पिरिट्स में अपना पूरा हिस्सा डियाजियो को बेच दिया और इसके बाद इंग्लैंड चले गए हैं.

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