बीकानेरः बाबा रामदेव की एफएमसीजी कंपनी पतंजलि सबसे तेजी से बढ़ती भारतीय एफएमसीजी कंपनी बन गई है लेकिन इसके खिलाफ शिकायतें भी रोजाना बढ़ रही हैं. पहले पतंजलि का घी विवादों में आया और अब टूथपेस्ट पर मुकदमे की छाया दिख रही है. बीकानेर के श्रीगंगानगर जिले के रायसिंहनगर के अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट महेंद्र सिंह बेनीवाल ने पंतजलि योगपीठ के दंतक्रांति टूथपेस्ट के विज्ञापन पर दायर शिकायत को आज सुनवाई के लिए मंजूर कर लिया है. अब इस मामले की अगली सुनवाई 19 मई को होगी।
शिकायत में पतंजलि योगपीठ के बाबा रामदेव और बालकृष्ण की योग्यता और पतंजलि के विज्ञापन में उत्पाद की गुणवता पर प्रश्नचिन्ह लगा है. रायसिंहनगर के एक निजी डॉक्टर डा अशोक गुप्ता ने यह शिकायत 18 अप्रैल को की थी जिस पर अदालत ने आज सुनवाई की.
वकील जितेंद्र सोनी ने बताया कि डा. अशेाक गुप्ता ने पतंजलि योगपीठ के दंतक्रांति टूथपेस्ट के विज्ञापन पर मुकदमा दायर किया जिसमें कहा गया है कि एक व्यक्ति सफेद कोट पहनकर किस प्रकार से झूठ बोल सकता है. इस विज्ञापन से उनकी व्यक्तिगत भावनाओं को ठेस पहुंची है. इसके साथ ही चिकित्सा जगत का भी अपमान हुआ है, क्योंकि एक डॉक्टर ही सफेद कोट पहनता है.
मुकदमे में पंतजलि योगपीठ के द्वारा बनाये जाने वाले घी, शहद की गुणवता पर भी प्रश्नचिन्ह गया है कि यह उत्पाद बाजार या अन्य स्थानों से खरीद कर योगपीठ के द्वारा बेचा जा रहा है. सोनी ने बताया कि शिकायत में बाबा रामदेव के द्वारा बिना किसी मेडिकल योग्यता के लोगों को मेडिकल राय देना और दवाईयां देने का आरोप भी है.
न्यायालय ने पंतजलि योगपीठ के बाबा रामदेव और वैद्य बालकृष्ण के खिलाफ धारा 419, 420, 500 और 501 के तहत सुनवाई के लिए मंजूर कर लिया है. अदालत सीआपीसी धारा 202 में परिवाद में उठाये गये मुद्दे पर स्वयं जांच करेगी.
शिकायत में पतंजलि योगपीठ के बाबा रामदेव और बालकृष्ण की योग्यता और पतंजलि के विज्ञापन में उत्पाद की गुणवता पर प्रश्नचिन्ह लगा है. रायसिंहनगर के एक निजी डॉक्टर डा अशोक गुप्ता ने यह शिकायत 18 अप्रैल को की थी जिस पर अदालत ने आज सुनवाई की.
वकील जितेंद्र सोनी ने बताया कि डा. अशेाक गुप्ता ने पतंजलि योगपीठ के दंतक्रांति टूथपेस्ट के विज्ञापन पर मुकदमा दायर किया जिसमें कहा गया है कि एक व्यक्ति सफेद कोट पहनकर किस प्रकार से झूठ बोल सकता है. इस विज्ञापन से उनकी व्यक्तिगत भावनाओं को ठेस पहुंची है. इसके साथ ही चिकित्सा जगत का भी अपमान हुआ है, क्योंकि एक डॉक्टर ही सफेद कोट पहनता है.
मुकदमे में पंतजलि योगपीठ के द्वारा बनाये जाने वाले घी, शहद की गुणवता पर भी प्रश्नचिन्ह गया है कि यह उत्पाद बाजार या अन्य स्थानों से खरीद कर योगपीठ के द्वारा बेचा जा रहा है. सोनी ने बताया कि शिकायत में बाबा रामदेव के द्वारा बिना किसी मेडिकल योग्यता के लोगों को मेडिकल राय देना और दवाईयां देने का आरोप भी है.
न्यायालय ने पंतजलि योगपीठ के बाबा रामदेव और वैद्य बालकृष्ण के खिलाफ धारा 419, 420, 500 और 501 के तहत सुनवाई के लिए मंजूर कर लिया है. अदालत सीआपीसी धारा 202 में परिवाद में उठाये गये मुद्दे पर स्वयं जांच करेगी.