फेसबुक के CEO मार्क जकरबर्ग से भी 'चालाक' निकला यह भारतीय

कोच्चि: मार्क जकरबर्ग ने जहां फेसबुक के जरिए पूरी दुनिया में अपनी अनोखी  पहचान बनाई वहीं कोच्चि के एक लड़के ने उन्हें उनके ही खेल में 'मात' दे दी। अमाल ऑगस्टीन नाम के एक स्टूडेंट ने फेसबुक के साथ एक डील फाइनल की है। सोमवार को अमाल ने फेसबुक को maxchanzuckerberg.org नाम का डोमेन बेचा।

दरअसल, यह डोमेन फेसबुक के फाउंडर मार्क जकरबर्ग की बेटी मैक्सिमा चान ज़करबर्ग के नाम की शॉर्ट फॉर्म पर आधारित है। जिस वक्त मार्क ने अपनी बेटी का नाम फेसबुक पर अनाउंस किया था, उसी वक्त अमाल ने बड़ी ही चालाकी से इसे रजिस्टर करवा लिया था। अमाल ऑगस्टीन एक स्थानीय इंजिनियरिंग कॉलेज में फाइनल इयर में हैं। इस डील से पैसे मिलने से ज्यादा वह इस बात को लेकर रोमांचित हैं कि फेसबुक ने उनसे संपर्क किया। अमाल ने बताया कि इंटरनेट डोमेन रजिस्टर करवाने के इस शौक से उन्हें थोड़ा प्रॉफिट भी हुआ है। फेसबुक के साथ हुई इस डील में अमाल को 700 डॉलर (करीब 46 हजार रुपए) मिले हैं।

दरअसल, यह डोमेन फेसबुक के फाउंडर मार्क जकरबर्ग की बेटी मैक्सिमा चान ज़करबर्ग के नाम की शॉर्ट फॉर्म पर आधारित है। जिस वक्त मार्क ने अपनी बेटी का नाम फेसबुक पर अनाउंस किया था, उसी वक्त अमाल ने बड़ी ही चालाकी से इसे रजिस्टर करवा लिया था। अमाल ऑगस्टीन एक स्थानीय इंजिनियरिंग कॉलेज में फाइनल इयर में हैं। इस डील से पैसे मिलने से ज्यादा वह इस बात को लेकर रोमांचित हैं कि फेसबुक ने उनसे संपर्क किया। अमाल ने बताया कि इंटरनेट डोमेन रजिस्टर करवाने के इस शौक से उन्हें थोड़ा प्रॉफिट भी हुआ है। फेसबुक के साथ हुई इस डील में अमाल को 700 डॉलर (करीब 46 हजार रुपए) मिले हैं।
बाद में जब डील फाइनल होने का ईमेल आया तो अमाल को पता चला कि यह डोमेन फेसबुक ने खरीदा है। ईमेल सारा चैपल की तरफ से आया, जो 'आइकॉनिक कैपिटल' की मैनेजर हैं। यह कंपनी मार्क जकरबर्ग की फाइनैंशल मामलों को संभालती है। अमाल ने कहा कि जब रजिस्ट्रेशन बदलने का लेटर आया तो मैंने देखा कि यह तो फेसबुक का लेटरहेड है। एक बार डोमेन बेचने पर सहमति जता देने के बाद नेगोशिएट करना लीगल नहीं है, इसलिए मैंने 7 दिन में डील फाइनल कर दी।

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